नदीम खान ने फेंका था एसिड तो फिल्म ‘छपाक’ में राजेश क्यों दिखाया, बोलीं मुलायम की बहू अपर्णा
अर्पणा यादव ने कहा, "इस ट्वीट को मुस्लिम समाज के विरोध में ना देखें यह बॉलीवुड की इन कलाकारों की कमी है. इस तरह की फिल्में बनाते समय फैक्ट्स से क्यों खिलवाड़ किया जाता है."
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू व राजनेता अपर्णा यादव ने बॉलीवुड की अपकमिंग फिल्म ‘छपाक’ पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट करके सवाल किया है कि ‘नदीम खान ने लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड फेंका था, ‘छपाक’ में नदीम खान को ‘राजेश’ दिखाया गया है. क्यों?
अर्पणा यादव ने ट्वीट किया, “नदीम खान ने लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड फेंका था. फिल्म ‘छपाक’ में नदीम खान को ‘राजेश’ दिखाया गया है. क्यों? इस ट्वीट को मुस्लिम समाज के विरोध में ना देखें यह बॉलीवुड की इन कलाकारों की कमी है. इस तरह की फिल्में बनाते समय फैक्ट्स से क्यों खिलवाड़ किया जाता है.”
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@aparnabisht7
नदीम खान ने लक्ष्मी अग्रवाल पर ऎसिड फेंका था ,फिल्म #छपाक मे नदीम खान को "राजेश" दिखाया गया है।क्यूँ ? इस ट्वीट को मुस्लिम समाज के विरोध में ना देखे यह बॉलीवुड की इन कलाकारों की कमी है why play with the facts when making a movie like this @PMOIndia @deepikapadukone
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7:28 PM - Jan 8, 2020
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कई रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि निर्देशक मेघना गुलजार ने लक्ष्मी अग्रवाल पर हमला करने वाले व्यक्ति का नाम नदीम खान से बदलकर 32 वर्षीय व्यक्ति राजेश कर दिया है. ट्विटर पर कई यूजर्स ने इसे लेकर अपनी निराशा जाहिर की है.
एक यूजर ने लिखा, “आप क्रोनोलॉजी को समझिए. छपाक फिल्म एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल पर आधारित है. वास्तविक जीवन में जिसने एसिड फेंका था उसका नाम नदीम खान था. फिल्म में हमलावर का नाम बदल कर हिंदू नाम राजेश कर दिया गया. ऐसे में दीपिका का जेएनयू जाना आश्चर्यजनक नहीं है.”
एक ने लिखा, “हे दीपिका, फिल्म में जिसने लड़की पर हमला किया था, उसका नाम क्या है? हमने नदीम खान की जगह राजेश सुना है. आप इतनी नीचे कैसे गिर सकती हैं. आप हिंदू नाम को कैसे दिखा सकती हैं.”
इससे पहले निर्भया के मुद्दे पर अपर्णा यादव ने कहा कि 22 जनवरी का दिन स्वर्णिम होगा, जब चारों दोषियों को फांसी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि निर्भया के माता-पिता के साहस और संघर्ष के लिए मैं उन्हें सलाम करती हूं.
उन्होंने आगे कहा कि ’22 जनवरी स्वर्णिम दिन होगा, मैं कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करती हूं. मैं सुप्रीम कोर्ट और हमारे सांसदों से अपील करता हूं, ऐसे मामलों के लिए बहुत सख्त कानून बनाया जाना चाहिए.’