मध्यप्रदेश में एनपीआर लागू ! राजनीति से इतर जनगणना के साथ ही बनेगा एनपीआर

मध्यप्रदेश में एनपीआर लागू ! राजनीति से इतर जनगणना के साथ ही बनेगा एनपीआर



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सतना. देश की राजनीति में भले ही एनपीआर ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है लेकिन इन सबसे इतर जनगणना का कार्य शीघ्र शुरू होने वाला है। इसका प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। सोमवार को दिये गये प्रशिक्षण में यह बात सामने आई है कि जनगणना के बाद इसका रजिस्टर बनाया जाएगा। जो एनपीआर कहलाएगा। जनगणना में न तो कोई कागज मांगे जाएंगे न ही किसी सवाल का जवाब देने के लिये बाध्य किया जाएगा। साथ ही यह भी बताया गया कि इसमें दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और किसी अन्य विभाग को यह डाटा किसी अन्य कार्य के लिये नहीं दिया जाएगा। लिहाजा इसकी जानकारी देने में किसी को कोई डर नहीं होना चाहिए।
लिव इन को माना जाएगा विवाहित जोड़ा
लिवइन में रहने वालों को विवाहित जोड़े की तरह मानकर गणना की जाएगी। अगर पति एक हो लेकिन पत्नियां ज्यादा हैं तो पत्नियों की संख्या के हिसाब से परिवार की गिनती होगी। लेकिन अगर पत्नी एक है लेकिन पुरुष दो हैं तो अलग अलग नहीं माना जाएगा। एक कमरे का मकान भी हाउसहोल्ड की गिनती में आएगा। यह जानकारी मास्टर ट्रेनरों ने जनगणना के लिए शुरू हुए प्रशिक्षण में दी है। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसमें सभी एसडीएम और तहसीलदार मौजूद रहे। मास्टर ट्रेनर ने बताया कि जनगणना के लिए हाउस लिस्ट 2021, हाउस होल्ड 2021 मोबाइल एप में डाटा संग्रह होगा। फीडबैक के लिए उपयोग किये गए एप का भी उल्लेख करना पड़ेगा। एक मई से 14 जून तक का समय दिया गया है। तीन कैटेगरी में मकानों की गणना होगी। हर प्रगणक को उसके मोबाइल पर यूजर आईडी पासवर्ड मिलेगा। गणना के लिए चार्ज ऑफिसर यूजर आईडी और पासवर्ड जारी करेंगे। इसके बाद प्रगणक रजिस्ट्रेशन करेंगे। सुपरवाइजर को प्रगणक के पास जाकर प्रगणक के मोबाइल में अपना यूजर आईडी पासवर्ड डालकर जांच कर पायेगा। प्रशिक्षण की शुरुआत कलेक्टर अजय कटेसरिया ने की।
रसोई से होगा परिवार का निर्धारण
प्रशिक्षण में बताया गया कि परिवार का निर्धारण रसोई से किया जाएगा। एक छत के नीचे जितनी रसोई होगी उतने परिवार माने जाएंगे। इस बार की जनगणना में सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को भी शामिल किया गया है और उस आधार पर प्रश्र भी तैयार किए गए हैं।
यह दिए हैं निर्देश
प्रशिक्षण में कहा गया कि जो आंकड़े जुटाए जा रहे हैं, वे सही और तथ्यात्मक हों। यह काम अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यह काम पूरे गंभीरता से किया जाए। अगर कोई परेशानी या शंका है तो प्रशिक्षण में पूछ कर समाधान किया जाए।
ऐसे होगी गणना
- प्रशिक्षण के दौरान बताया कि विश्व की सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली भारत की जनगणना में राजस्व अधिकारियों के साथ मैदानी कर्मचारी और प्रगणकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- प्रथम चरण में मकान सूचीकरण के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का काम एक मई 2020 से शुरू होकर 14 जून तक होगा।
- दूसरे चरण में 9 से 28 फ रवरी 2021 और 5 माचज़् 2021 तक रिवीजनल राउंड का काम पूरा किया जाएगा।
- 6 प्रगणकों की मॉनीटरिंग के लिए एक सुपरवाइजर होगा।
- जनगणना का काम मैनुअल के साथ मोबाइल एप पर किया जाएगा। इसका पूरा डाटा मोबाइल एप पर फीड करना जरूरी है।