स्वराज कौशल से पूछा- कैसे खत्म होगा शाहीन बाग का धरना, बोले- जैसे बाबा रामदेव का हुआ था
नई दिल्ली, 24 फरवरी । दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले दो महीने से ज्यादा वक्त से धरना प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से सीएए वापस लेने की मांग कर रहे हैं। धरने की वजह से इलाके की सडक़ें भी बंद हैं। सडक़ों को खुलवाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को वार्ताकार नियुक्त किया। दोनों ही सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। साथ ही शीर्ष अदालत ने पूर्व आईएएस और पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह को भी मामले की निगरानी करने को कहा। हबीबुल्लाह ने कोर्ट में हलफनामा दायर किया, जिसके बाद बीजेपी की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल ने एक ट्वीट कर हबीबुल्लाह को ही इस समस्या की वजह बता दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने धरना खत्म करने से जुड़े एक सवाल का जवाब भी दिया।
स्वराज कौशल ने ट्वीट किया, मैंने देखा कि शाहीन बाग की महिलाएं कह रही हैं कि प्रधानमंत्री यहां आएं, हमसे बात करें। हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री कभी गया है क्या। कौन सी दुनिया में हो। क्या कोई समझाने वाला नहीं है। जब एक ट्विटर यूजर ने उनसे सवाल पूछा, आप बताइए सर फिर ये धरना कैसे खत्म होगा। क्या करना चाहिए सरकार को। जवाब में वह लिखते हैं, जैसे बाबा रामदेव का हुआ था।
इतना ही नहीं, स्वराज कौशल ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, वजाहत हबीबुल्लाह समस्या की वजह बन गए हैं। आपसे कहा गया था कि इस खाई को पाटिए लेकिन आपने इसे और बढ़ा दिया। आपसे कहा गया था कि दिल्ली-नोएडा रोड खाली कराने के लिए प्रदर्शनकारियों को मनाइए। आप 68 दिनों तक ब्लॉक की गई नाकाबंदी की वजह लेकर लौटे। ये जनादेश से परे है।
वजाहत हबीबुल्लाह ने शाहीन बाग के विरोध स्थल का दौरा किया था और फिर सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दायर किया था। उन्होंने कहा, ये विरोध शांतिपूर्ण है। पुलिस ने शाहीन बाग के आसपास के पांच स्थानों पर नाकेबंदी की है। अगर इन अवरोधों को हटा दिया जाता है तो यातायात सामान्य हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, पुलिस ने अनावश्यक रूप से सडक़ों को अवरुद्ध किया है, जिससे लोगों को समस्या हो रही है। पुलिस द्वारा जांच के बाद स्कूल वैन और एंबुलेंस को सडक़ों से गुजरने की अनुमति है।